महेंद्र सिंह धौनी अब ‘कैप्टन कूल’ नहीं रह गए हैं। उन्होंने बुधवार को वनडे और टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ दी। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर को खुशी है कि धौनी ने केवल सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ी है और संन्यास नहीं लिया क्योंकि उनका मानना है कि यह विकेटकीपर बल्लेबाज टीम में अभी काफी योगदान दे सकता है।
गावस्कर ने एक न्यूज चैनल पर कहा, ‘अगर उन्होंने एक खिलाड़ी के तौर पर भी संन्यास ले लिया होता तो फिर उनकी वापसी के लिए उनके घर के आगे धरने पर बैठने वाला मैं पहला व्यक्ति होता। एक खिलाड़ी के रूप में वह अब भी विस्फोटक है। वह एक ओवर में मैच का पासा पलट देता है। भारत को एक खिलाड़ी के रूप में उनकी सख्त जरूरत है। मुझे खुशी है कि उन्होंने एक खिलाड़ी के रूप में बने रहने का फैसला किया।’
गावस्कर ने कहा कि धौनी के कप्तान नहीं रहने से उनकी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘हां, ऐसा होगा। विराट कोहली निश्चित तौर पर उन्हें नंबर चार या पांच बल्लेबाज के रूप में उपयोग करेंगे क्योंकि इससे नीचे उन्हें बल्लेबाजी के लिए उतारने का कोई मतलब नहीं बनता है। हां, वह फिनिशर हैं लेकिन वह नंबर चार या पांच पर उतरकर बड़ी पारी खेल सकता है और तब भी फिनिशर की भूमिका निभा सकता है।’
गावस्कर ने कहा, ‘विकेटकीपिंग अब अधिक आसान हो जाएगी क्योंकि उन्हें अब गेंदबाजी में बदलाव और फील्डिंग के बारे में नहीं सोचना होगा। इनसे कई बार आपका ध्यान भंग होता है।’ इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि धौनी और विराट मैदान में एक दूसरे के पूरक बन सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘इससे निश्चित तौर पर भारत को मदद मिलेगी क्योंकि धौनी के शांतचित होने से विराट को भी मदद मिलेगी। टेस्ट क्रिकेट में आपको अपनी गलती में सुधार करने के लिए समय मिलता है लेकिन सीमित ओवरों की क्रिकेट में चीजें तेजी से बदलती हैं और कुछ करने के लिए बहुत अधिक समय नहीं होता है और ऐसे में आपको जल्दी में फैसले करने होते हैं और यहां पर धौनी काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।’




























































