ED और CBI को शक, माल्या ने विदेशी कंपनियों में निवेश किया कर्ज का पैसा

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भारतीय बैंकों से करीब 9 हजार करोड़ का कर्ज लेकर विदेश भागे विजय माल्या को भारत लाने की कवायद तेज हो गई है. इस बीच ईडी और सीबीआई ने उन 40 कंपनियों पर भी टेढ़ी नजर बना ली, जिनमें किसी न किसी रूप में कारोबारी के हित जुड़े हुए हैं. आशंका जाहिर की जा रही है कि माल्या ने बैंकों से जो कर्ज लिया है, उसका पैसा इन कंपिनयों से होकर भी गुजरा है. इनसे अधि‍कतर कंपनियां विदेशी हैं.

अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से माल्या से जुड़ी इन कंपनियों में से कई नीदरलैंड्स, यूके, दक्षि‍ण अफ्रीका, चीन और नेपाल की हैं. ईडी और सीबीआई ने अपनी जांच में यह भी पाया है कि माल्या दुनिया के कई देशों में कई तरह की अचल संपत्ति‍यों के भी मालिक हैं, जिसकी जांच शुरू हो गई है.

विदेशी एजेंसियों ने साझा की जानकारी
ईडी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि माल्या की ऐसी संपत्ति‍यों, कंपनियों में उनके शेयर्स आदि की कीमत का आकलन किया जा रहा है. ईडी खुद ऐसी 25 कंपिनयों की जांच कर रही है, जो किसी न किसी रूप से माल्या से जुड़ी हुई हैं. ईडी के एक अधि‍कारी ने कहा, ‘हम माल्या से जुड़ी चल संपत्त‍ियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें विदेशों में उनके आलीशान घर, यॉट, लग्जरी गाड़‍ियां शामिल हैं. हम उनसे अलग-अलग कंपिनयों में उनके निवेश और हिस्सेदारी के बारे में पूछना चाहते हैं, लेकिन क्योंकि वह पूछताछ के लिए सामने नहीं आए हैं, लिहाजा हम सबूत इक्ट्ठा कर रहे हैं और विदेशी एजेंसियों के साथ ही अन्य दूसरे माध्यमों की मदद से जानकारी ले रहे हैं.’

सूत्र ने बताया कि छह देशों में फाइनेंशि‍यल इंटेलिजेंस यूनिट ने ऐसी कंपिनयों के बारे में जानकारी निकालकर ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स के साथ साझा की है. यह यूनिट विदेशों में भारतीयों के संदिग्ध निवेश पर नजर रखती है.

रद्द किया जा चुका है पासपोर्ट
गौरतलब है कि शराब कारोबारी विजय माल्या मार्च महीने से ही यूके में हैं. उन्हें ईडी ने पूछताछ के लिए तीन बार समन भेजा है, लेकिन उन्होंने पेश होने में असमर्थता जताई. भारत सरकार ने ब्रिटिश उच्चायोग को चिट्ठी लिखकर हाल ही माल्या के प्रत्यर्पण की मांग की है, जबकि उनका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया है.

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