नदियों का भविष्य सँवारें और माँ नर्मदा को बचाएँ

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‘नमामि देवी नर्मदे’-सेवा यात्रा का 41 वाँ पड़ाव देर रात हरदा जिले के ग्राम गोयत नांदरा में पहुँचा। गोयत पहुँचने पर पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल और भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अमरसिंह पटेल को ध्वज और नर्मदा कलश विधायक श्री संजय शाह ने सौंपा। इस मौके पर विधायक श्री रामकिशोर दोगने भी मौजूद थे।

वृक्ष लगाकर नदियों को बचाया जा सकता है

पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि पुण्यदायिनी मोक्ष दायिनी माँ नर्मदा को विलुप्त होने से बचाने और नदियों का भविष्य सँवारने के लिए सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को स्व-प्रेरणा से आगे आना होगा। श्री कमल पटेल ने कहा कि नर्मदा के किनारे पेड़ों की कटाई से नदी में पानी का बहाव काफी कम हुआ है। उन्होंने कहा कि जन-भागीदारी से अधिक से अधिक पेड़ लगाने पर जल का स्तर बढ़ेगा और पर्यावरण में भी काफी सुधार होगा। उन्होंने ग्रामीणों को राज्य सरकार की नर्मदा नदी किनारे फलदार वृक्ष लगाने की योजना की जानकारी दी। श्री पटेल ने ग्रामीणों को नर्मदा नदी के पानी को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने बताया कि नर्मदा नदी के घाटों को पक्का किया जाएगा। घाटों पर श्रद्वालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जायेगी। श्री पटेल ने ग्रामीणों को नदी किनारे पूजन सामग्री नहीं प्रवाहित करने की भी समझाईश दी।

साध्वी प्रज्ञा भारती ने यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा नर्मदा का श्रंगार हरियाली चुनरी उड़ाकर करना है। इसके लिये दोनों किनारे पर एक किलोमीटर की परिधि में फलदार, छायादार वृक्ष लगाने की योजना बनाई गयी है। उन्होंने ग्रामीणों से दाह संस्कार नियत मुक्ति धाम में करने के लिए कहा। उन्होंने पूजन सामग्री में फूल, नारियल, पन्नी, विसर्जन कुण्ड में डालने के लिए भी कहा। साध्वी भारती ने बताया कि राज्य सरकार नर्मदा नदी के किनारों पर ट्रीटमेंट प्लांट लगा रही हैं। इसके लिए अमरकंटक में मुख्यमंत्री ने 1500 करोड़ रूपए की राशि दिये जाने की घोषणा की है। साध्वी भारती ने बताया कि नर्मदा पथ को श्रद्वालुओं की सुविधा के लिए पक्का बनाया जाएगा। नर्मदा की सामूहिक आरती के बाद ग्रामीणों ने नर्मदा नदी के महत्व पर केन्द्रित लोक गीतों एवं नृत्यों की प्रस्तुति दी।

हरदा जिले में नर्मदा यात्रा का तीसरा दिन

नर्मदा यात्रा के तीसरे दिन रविवार को यात्रा में शामिल बड़ी संख्या में ग्रामीण ग्राम अजनई, सुरजना और भमोरी के लिए रवाना हुए। जगह-जगह यात्रा का गाँव की महिलाओं ने स्वागत किया। ग्राम पंचायत के सरपंच ने कलश ग्रहण कर यात्रा का स्वागत किया। ग्राम की कन्याओं ने यात्रा के स्वागत के लिए मार्ग पर आकर्षक रंगोली बनाई थी। यात्रा में जन-जागरूकता के लिए ‘‘नदी नहीं यह जननी है, रक्षा हमको करनी है और माँ नर्मदा का करे श्रंगार, वृक्ष लगाए छायादार‘‘ नारे लगाए गए। यात्रा का कई जगह विभिन्न धर्मों के लोगों ने आगे आकर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा का स्थान सबसे ऊपर है।