कांग्रेस ने खोल दिया राहुल गाँधी के विदेशी दौरों के पीछे का राज़

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पिछले एक महीने से राहुल गांधी के कई विदेशी दौरे लग रहे हैं जिनके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि ये राहुल गांधी के स्टडी टूर हैं जिनसे उन्हें नए आइडिया और टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी मिल सके।

देश में 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और इन चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। वहीं कांग्रेस इन चुनावों में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ा काम सौंपने जा रही है। खबरों के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस राहुल गांधी को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाकर चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। पिछले एक महीने से राहुल गांधी के कई विदेशी दौरे लग रहे हैं जिनके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि ये राहुल गांधी के स्टडी टूर हैं जिनसे उन्हें नए आइडिया और टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी मिल सके। इस महीने के शुरुआत में राहुल ने नोर्व का दौरा किया था जहां पर उन्होंने पोलर इंस्टीट्यूट, प्रौद्योगिकी केंद्र Mongstad, जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी सुविधा, और उद्यमियों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठकें शामिल थीं।

इन बैठकों में राहुल गांधी ने नागरिक मुद्दे से लेकर नॉर्वे के तेल संपत्ति तक के मुद्दों पर चर्चाएं की थीं। इसके बाद अब राहुल सिलिकॉन वैली जाने की तैयारी कर रहे हैं जहां पर वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शोधकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इंडिया टुडे के मुताबिक इसके बाद राहुल बर्केले स्थित कैलिफॉर्निया विश्वविद्यालय में एक कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे जिसमें वे ‘India at 70: Reflection On The Path Forward’ के ऊपर भाषण देंगे। जहां एक तरफ कुछ नेता अतीत को लेकर मुद्दे बना रहे हैं वहीं राहुल गांधी जैसा नेता देश के भविष्य के बारे में सोच रहा है। राहुल देश में नई सोच और आइडिया लाना चाहते हैं।

गांधी परिवार के वंशज को ‘नए विचार’ लाने में सक्षम होने के लिए कठोर रूप से शिक्षित किया जा रहा है। राहुल के विदेशी स्टडी टूर पर बात करते हुए पार्टी के जनरल सेक्रेटरी सीपी जोशी ने कहा कि इन टूर से राहुल को काफी फायदा पहुंचेगा । नई तकनीकों को समझने और पहचानने के बाद राहुल नई नीतियों को प्रभावित करने में सक्षम होंगे। इसके बाद सीपी जोशी ने कहा कि हमने देखा है कि कैसे दुर्भावनापूर्ण नीति ने देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना कुछ सोचे समझे नोटबंदी लागू की जिसके परिणाम के बारे में उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा। एक अच्छा नेता हमेशा पहले विकास करने के बारे में सोचता है। प्रधानमंत्री के बारंबार विदेशी टूर के बावजूद विदेशी नीति गड़बड़ा गई है। आज के समय में देश की अर्थव्यवस्था अपंग हो गई है।

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