गोवा के सीएम के तौर पर मंगलवार को शपथ लेने जा रहे मनोहर पर्रिकर का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। डिफेंस मिनिस्ट्री का एडिशनल चार्ज अरुण जेटली को सौंपा गया, जो फाइनेंस मिनिस्ट्री भी देख रहे हैं। राष्ट्रपति भवन की ओर से एक ट्वीट में कहा गया, “पर्रिकर का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकर कर लिया गया है। पीएम की सलाह पर राष्ट्रपति ने अरुण जेटली को डिफेंस मिनिस्ट्री का एडिशन चार्ज सौंपा गया है। वो अब दोनों मिनिस्ट्री का काम संभालेंगे।” बता दें कि एनडीए सरकार में अरुण जेटली दूसरी बार डिफेंस मिनिस्ट्री संभालेंगे। वो 2014 में 6 मई से 9 नवंबर तक डिफेंस मिनिस्टर थे।
राष्ट्रपति कायार्लय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत मनोहर पर्रिकर का मंत्री परिषद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।’ इसके अलावा राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया।
गौरतलब है कि पर्रिकर ने गोवा में राज्य सरकार की कमान संभालने के लिए सोमवार को ही रक्षा मंत्री पद से अपना इस्तीफा दिया। पर्रिकर मंगलवार को गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वह मंगलवार शाम 5.00 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण करेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहने की उम्मीद है।
भाजपा ने रविवार को पर्रिकर को गोवा में सरकार का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया था। अब गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा पर्रिकर सहित उनके मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। सिन्हा ने पर्रिकर से शपथ ग्रहण के बाद गोवा विधानसभा में 15 दिनों के अंदर बहुमत साबित करने के लिए कहा है।
पर्रिकर ने 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में 21 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को 13 सीटों पर जीत मिली है। गोवा फॉरवर्ड पाटीर् और महाराष्ट्रवादी गोमंतक पाटीर् के 3-3 सदस्यों ने भाजपा के प्रति समर्थन जाहिर किया है। इसके अलावा दो निर्दलीय विधायकों ने भी अपना समर्थन जताया है।
बता दें कि नवंबर 2014 में पर्रिकर के रक्षा मंत्री बनने से पहले यह मंत्रालय जेटली के पास ही पास था. वहीं पर्रिकर मंगलवार शाम गोवा के नए सीएम पद की शपथ लेने जा रहे है और इसी वजह से उन्होंने नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया.
पर्रिकर इससे पहले 2000 से 2005 और 2012 से नवंबर 2014 तक गोवा के सीएम रह चुके हैं और विधानसभा चुनाव में बहुमत से पीछे रह गई बीजेपी को अन्य दलों ने पर्रिकर को फिर से राज्य की कमान सौंपने की सूरत में ही समर्थन देने का वादा किया था.






























































