महिला एवं बाल विकास विभाग महत्वपूर्ण विभाग है- सभापति ऊषा ठाकुर

0

रीवा- (ईपत्रकार.कॉम) |मध्यप्रदेश विधानसभा की महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति की बैठक सभापति उषा ठाकुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में समिति की सदस्य शीला त्यागी, सरस्वती सिंह, प्रमिला सिंह, उमा देवी खटिक, रेखा यादव कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक, भोपाल से आये अधिकारीगण और जिले के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक को सम्बोधित करते हुये सभापति ऊषा ठाकुर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग महत्वपूर्ण विभाग है। इनका जितना सर्वांगीण और व्यक्तित्व विकास होगा उतना ही राष्ट्र का विकास होगा। सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी अपनी पूरी क्षमता से शासन, प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें। और महिलाओं तथा बालकों के उत्थान की दिशा में कार्य करें। इससे बेहतर परिणाम सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि विभागन्तर्गत योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। वह शासन की योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाने में सहयोग करती हैं। सभापति ने कहा कि स्नेह सरोकार के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चे को उचित पोषण के माध्यम से उसे स्वस्थ करना मानवता की सेवा है। सभापति ने महिला एवं एकीकृत बाल विकास विभाग एवं सामाजिक न्याय एवं निःशक्त विभाग में चल रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और इस संबंध में आवश्यक कार्य किये जाने के लिये निर्देशित किया।

इस अवसर पर सदस्य शीला त्यागी ने अधिकारी, कर्मचारियों से पद के मुताबिक कर्तव्यों का निर्वहन करने को कहा। उन्होंने कहा कि योजनाएं अच्छी हैं। जरूरत है इनके सही क्रियान्वयन की। जिससे योजनाओं को मूर्त रूप दिया जा सके।

इससे पूर्व कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने महिला एवं एकीकृत बाल विकास विभाग के अन्तर्गत लाडली लक्ष्मी योजना, शौर्यादल के गठन, प्रशिक्षण एवं कार्य, वन स्टाप सेंटर, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण, अटल बाल पालक मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित अन्य विषय के संबंध में विस्तृत जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। सुचिता तिर्की बेक संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं निःशक्त विभाग ने विभागीय पेंशन योजनाओं की जानकारी दी।

Previous articleमुख्यमंत्री तीर्थदर्शन की ‘रामेश्वरम् यात्रा’ 09 सितम्बर को जावेगी
Next articleअविवादित नामांतरण के प्रकरण घर-घर जाकर 30 दिवस के अन्दर निराकृत करें-कलेक्टर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here